रोलिंग को चौदह साल की उम्र तक किताब पढ़ने में ज्यादा रुचि नहीं थी, जो स्कूल के लिए अनिवार्य था, उन्होंने वह पढ़ा, लेकिन इससे ज़्यादा कुछ नहीं। लेकिन जब उनकी सहेली ने "जादूगरों और चुड़ैलों" की किताब उन्हें दी तो यह बुरी हालत एकदम बदल गयी। उन्होंने किताब पढ़ना शुरू कर दिया। वह किताब "हैरी पौटर" का पहला खंड था। इसके बाद लगभग हर एक साल एक-एक "हैरी पौटर" की किताब प्रकाशित हुई। उस समय उन्होंने पूरा दिन अपने कमरे में बिताया और बहुत उत्सुकता से उन्होने पढ़ा। शुरू में कुछ लिखकर-पढ़कर उन्हें बड़ी सफलता नहीं मिली, फिर बाद में यह हालत अचानक बदली और वे बड़ी लेखिका बन गयी।
जे. के. रोलिंग ने मिथक और कल्पना कि एक नई और अनोखी दुनिया बनायी है, जिसका मुख्य पात्र हैरी पॉटर है। ये दुनिया जादू और चमत्कार से भरी पड़ी है। हैरी पॉटर ख़ुद एक (अनाथ) जादूगर है और वो तन्त्र-मन्त्र और जादू-टोने के विद्यालय हॉग्वार्ट्स जाता है। कहानी हैरी की एक आतंकवादी और शैतानी जादूगर वोल्डेमॉर्ट से दुश्मनी के बीच घूमती रहती है। इस सिल्सिले में कुल सात उपन्यास हैं :
- हैरी पॉटर और पारस पत्थर
- हैरी पॉटर और रहस्यमयी तहख़ाना
- हैरी पॉटर और अज़्कबान का क़ैदी
- हैरी पॉटर और आग का प्याला
- हैरी पॉटर और मायापंछी का समूह
- हैरी पॉटर और हाफ़-ब्लड प्रिंस
- हैरी पॉटर और मौत के तोहफ़े
सातों उपन्यासों के ऊपर कुल मिलाकर आठ फ़िल्में भी बनी हैं, जो सुपरहिट रही हैं और उन्होंने ऑस्कर भी जीते हैं। सारी सातों किताबों के हिन्दी संस्करण उपलब्ध हैं।
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